वाशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका ने बड़ा कूटनीतिक फैसला लेते हुए भारत की अगुवाई वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) समेत कुल 65 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से खुद को अलग कर लिया है। अमेरिकी प्रशासन ने यह कदम राष्ट्रीय हितों, वित्तीय दायित्वों और नीति प्राथमिकताओं की समीक्षा के बाद उठाने की बात कही है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस की स्थापना भारत और फ्रांस की पहल पर वर्ष 2015 में की गई थी, जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और विकासशील देशों को स्वच्छ ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराना है। अमेरिका का इससे अलग होना वैश्विक जलवायु और नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के इस फैसले से बहुपक्षीय मंचों पर उसकी भूमिका सीमित हो सकती है, जबकि भारत जैसे देश स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन से जुड़े वैश्विक नेतृत्व को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह द्विपक्षीय समझौतों और अन्य माध्यमों से अंतरराष्ट्रीय सहयोग जारी रखेगा। वहीं, भारत और इंटरनेशनल सोलर अलायंस से जुड़े अन्य सदस्य देशों ने इस निर्णय पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने से फिलहाल परहेज किया है।









