प्रयागराज। कीडगंज थाना क्षेत्र की नई बस्ती में स्थित एक दो मंजिला मकान में कथित रूप से अनैतिक देह व्यापार संचालित होने की सूचना पर रविवार को पुलिस ने छापेमारी कर चार युवतियों और पांच युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्ध सामग्री भी बरामद की है। पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, यह मकान एक आईएएस अधिकारी के नाम पर दर्ज है और इसे सर्वेश द्विवेदी नामक व्यक्ति ने करीब तीन महीने पहले किराए पर लिया था। किरायानामा इस शर्त पर किया गया था कि वह परिवार के साथ निवास करेगा, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ही दिनों बाद मकान में संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो गईं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, दिन-रात युवकों और युवतियों का आना-जाना लगा रहता था, जिससे मोहल्ले में असंतोष था। लोगों का कहना है कि इससे बच्चों और परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। इसी क्रम में रविवार को कीडगंज थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह और एसीपी राजीव यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम दोपहर करीब दो बजे मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने पर अंदर से दरवाजा नहीं खोला गया, जिसके बाद दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया गया। अंदर अलग-अलग कमरों में युवक-युवतियां आपत्तिजनक परिस्थितियों में पाए गए। मुख्य आरोपी बताए जा रहे सर्वेश द्विवेदी सहित 9 हिरासत में कार्रवाई के दौरान चार युवतियों और चार युवकों को कमरों से हिरासत में लिया गया, जबकि मकान के बाहर निगरानी कर रहे एक अन्य युवक को भी पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सर्वेश द्विवेदी (निवासी अतरसुइया) को इस कथित रैकेट का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि हिरासत में ली गई युवतियों में एक पश्चिम बंगाल, एक वाराणसी और दो प्रयागराज की निवासी हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पश्चिम बंगाल की युवती ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क होने की बात बताई है। हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान मयंक कुशवाहा (19), अनुज मिश्रा (23), सैफुल सिद्दीकी (23) और अतुल कुमार (35) के रूप में हुई है। सभी प्रयागराज के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि कथित गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा मकान मालिक की भूमिका क्या है। किरायानामे और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।









