वाराणसी। काशी काव्य संगम, वाराणसी की ओर से ‘प्रकृति की गोद’ श्रृंखला के अंतर्गत रविवार को मिर्जापुर स्थित विंडम फॉल में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में काशी के कवियों के साथ मिर्जापुर एवं सोनभद्र जनपद के रचनाकारों ने भी सहभागिता की। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आयोजित इस साहित्यिक समागम ने श्रोताओं को काव्य रस से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ करुणा सिंह द्वारा माता सरस्वती की वंदना से हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार अशोक कुमार सिंह ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बंद कमरों से निकलकर प्रकृति के सान्निध्य में काव्य-पाठ करना एक सार्थक पहल है। इससे न केवल रचनात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि विभिन्न अंचलों के कवियों से संवाद स्थापित कर उनकी रचनाओं को सुनने और सीखने का अवसर भी मिलता है। गोष्ठी में रामनरेश, आलोक सिंह ‘बेताब’, डॉ. अशोक सिंह, सिद्धनाथ शर्मा, मुनिंद पांडे ‘मुन्ना’, कंचन सिंह परिहार, अखलाक खान ‘भारतीय’, टीकाराम शर्मा ‘आचार्य’, डॉ. छोटेलाल सिंह ‘मनमीत’, रामजतन पाल, शमीम गाज़ीपुरी, परमहंस तिवारी ‘परम’, आनंद कृष्ण ‘मासूम’, जयप्रकाश मिश्रा ‘धानापुरी’, गणेश सिंह ‘प्रहरी’, दीपक शर्मा, संतोष ‘प्रीत’, डॉ. पुष्पेंद्र अस्थाना, संजय गुप्ता, केदारनाथ सविता, अमित आनंद, रविंद्र कुमार पांडे, विजय श्रीवास्तव ‘मिर्जापुरी’, अनिल कुमार यादव, डॉ. नसीमा निशा, उषा पांडे, करुणा सिंह, संध्या श्रीवास्तव, डॉ. सुधा सिंह, इला जायसवाल, नंदिनी वर्मा सहित अनेक कवियों ने काव्य-पाठ किया। कविताओं ने श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित कवियों एवं अतिथियों का स्वागत काशी काव्य संगम के अध्यक्ष आलोक सिंह ‘बेताब’ ने किया। अंत में सचिव डॉ. नसीमा निशा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। पूरे कार्यक्रम का सशक्त संचालन अखलाक खान ‘भारतीय’ ने किया, जबकि आयोजन का संयोजन वरिष्ठ साहित्यकार अमित आनंद ने किया।









