वाराणसी। पहाड़ियां चौमू हानी तालाब के निकट सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्रीय लोगों और प्रशासन के सहयोग से निर्मित त्रिदेव मंदिर एक बार फिर अराजक तत्वों के निशाने पर आ गया। मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार
बीते एक वर्ष में कई बार असामाजिक लोगों की हरकतों की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता का परिणाम यह हुआ कि अब दिनदहाड़े मंदिर की दान पेटी तोड़कर उसमें रखी नकदी उठा ले जाई गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रोज़ की तरह मंदिर सुबह खोला गया था और दोपहर में बंद कर दिया गया। दोपहर 3 बजे जब पुजारी मंदिर पहुंचे और पुनः द्वार खोला, तो दान पेटी टूटी हुई मिली। पुजारी द्वारा सूचना देते ही प्रबंध समिति के सदस्य मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में घटना की खबर आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने औपचारिक रूप से जांच शुरू करने का आश्वासन देकर वापसी कर ली। प्रबंध समिति के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चार दिनों के भीतर चोरी का खुलासा नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय जनता सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस की होगी।




बीते एक वर्ष में कई बार असामाजिक लोगों की हरकतों की शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता का परिणाम यह हुआ कि अब दिनदहाड़े मंदिर की दान पेटी तोड़कर उसमें रखी नकदी उठा ले जाई गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रोज़ की तरह मंदिर सुबह खोला गया था और दोपहर में बंद कर दिया गया। दोपहर 3 बजे जब पुजारी मंदिर पहुंचे और पुनः द्वार खोला, तो दान पेटी टूटी हुई मिली। पुजारी द्वारा सूचना देते ही प्रबंध समिति के सदस्य मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में घटना की खबर आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने औपचारिक रूप से जांच शुरू करने का आश्वासन देकर वापसी कर ली। प्रबंध समिति के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चार दिनों के भीतर चोरी का खुलासा नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय जनता सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस की होगी।




