वाराणसी। मेरा युवा भारत के तत्वावधान में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का भव्य समापन लोहता स्थित शगुन पैलेस, भट्टी में हुआ। 12 से 18 फरवरी तक चले इस विशेष आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराया गया। क्षेत्र भ्रमण के अंतर्गत युवाओं ने गंगा घाटों एवं प्रमुख मंदिरों का दर्शन कर भारतीय संस्कृति की गहराई और विविधता को निकट से अनुभव किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रनिर्माण के प्रति जागरूक और प्रेरित करना रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि स्वामी हरि प्रकाशानंद ने युवाओं को संयम, संस्कार और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि कपिल देव राम (उपनिदेशक, मेरा युवा भारत, गाजीपुर) ने कहा कि युवा राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं और उनके सकारात्मक दृष्टिकोण से ही देश का भविष्य सशक्त बनेगा।

राम गोपाल सिंह चौहान (जिला युवा अधिकारी, संत रविदास नगर भदोही) ने युवाओं को लक्ष्य निर्धारण एवं अनुशासन का महत्व समझाया। कार्यक्रम का संचालन सृजन चतुर्वेदी ने प्रभावी ढंग से किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। विजेताओं को प्रमाण पत्र, पुरस्कार राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया।
संयोजन एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं के व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक समन्वय और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ है।









