वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में ग्रामीण विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में बीएचयू के बायोनेस्ट और साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार, उद्यमिता और आजीविका के नए अवसरों का विकास करना है।
समझौते पर बायोनेस्ट के निदेशक राजेश्वर प्रसाद सिंहा तथा साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के निदेशक अजय कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बायोनेस्ट के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी दुर्गेश नारायण सिंह, विश्वनाथ शुक्ला तथा साईं इंस्टीट्यूट के प्रोग्राम निदेशक अमितोष पाण्डेय भी मौजूद रहे।
प्रो. राजेश्वर प्रसाद सिंहा ने कहा कि यह साझेदारी विज्ञान, नवाचार और समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगी। बायोनेस्ट का लक्ष्य अनुसंधान और तकनीक को प्रयोगशालाओं से बाहर निकालकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।

वहीं अजय कुमार सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण समाज, विशेषकर महिलाओं और युवाओं को पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय कौशल और आधुनिक तकनीक के समन्वय से आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और नवाचार आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस समझौते को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार व उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









