वाराणसी। लखनऊ में शंकराचार्य जी महाराज द्वारा प्रारंभ किए गए ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद’ के समर्थन में सोमवार को काशी में भी गौभक्तों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। शहर के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर सैकड़ों की संख्या में जुटे गौभक्तों और सनातन धर्मावलंबियों ने सामूहिक रूप से शंखनाद कर गौरक्षा आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने गौमाता की रक्षा और गौरव की स्थापना के लिए राष्ट्रव्यापी जनजागरण चलाने का संकल्प भी दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने कहा कि सनातन धर्म की आत्मा कही जाने वाली गौमाता के प्राणों की रक्षा और उनके सम्मान की पुनर्स्थापना के लिए शंकराचार्य जी महाराज देशव्यापी आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों की रक्षा से भी संबंधित है। इस आंदोलन का प्रभाव अब पूरे देश में दिखाई देने लगा है और बड़ी संख्या में सनातनी समाज इससे जुड़कर इसे मजबूत बना रहा है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में शंकराचार्य द्वारा किए जा रहे शंखनाद के समर्थन में काशी के गौभक्तों ने भी शंखनाद कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि केवल काशी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सनातनी समाज इस आंदोलन के साथ खड़े हैं। उनका कहना था कि गौमाता की रक्षा के लिए निडर होकर आवाज उठाने वाले शंकराचार्य के खिलाफ विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं और उनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

संजय पाण्डेय ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कर उनके संरक्षण और सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कानून बनाए जाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण भारतीय संस्कृति और समाज की मूल भावना से जुड़ा विषय है और इसके लिए जनजागरण की आवश्यकता है।
अस्सी घाट पर आयोजित इस शंखनाद कार्यक्रम में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से महामृत्युंजय मंदिर के महंत किशन दक्षिण, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, राकेश पाण्डेय, सरदार सतनाम सिंह, अरुण सोनी, सुनील श्रीवास्तव, प्रमोद वर्मा, पं. सदानंद तिवारी, संतोष चौरसिया, पुलक त्रिपाठी, हिमांशु सिंह, किशन यादव, के.के. द्विवेदी, शशिकांत यादव, श्रीश तिवारी, सुभाष सिंह, मिर्ची दुबे, आशीष पाण्डेय, प्रदीप पाण्डेय सहित सैकड़ों गौभक्त और काशीवासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने गौसंरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और इस विषय को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।









