पणजी/नई दिल्ली। गोवा के बहुचर्चित अग्निकांड मामले में लंबे समय से फरार चल रहे लूथरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी ने पूरे प्रकरण में नया मोड़ ला दिया है। थाईलैंड पुलिस ने दोनों भाइयों को बैंकॉक में हिरासत में लिया, जहां वे कथित रूप से फर्जी पहचान के सहारे छिपकर रह रहे थे। गिरफ्तारी के समय सामने आई तस्वीरों में दोनों के हाथों में हथकड़ियां लगी दिखाई दे रही हैं और उनके पास से भारतीय पासपोर्ट भी बरामद हुआ है। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार,-अग्निकांड की रात दोनों भाइयों ने तत्काल थाईलैंड के लिए ऑनलाइन टिकट बुक किया था। आगजनी की घटना जैसे-जैसे सुर्खियों में आती गई, दोनों उसी रात एयरपोर्ट पहुंचकर भारत से रवाना हो गए थे। पुलिस का कहना है कि यह पूरी योजना पहले से बनाई गई भगदड़ की ओर इशारा करती है।गोवा पुलिस ने घटना के बाद लूथरा ब्रदर्स के खिलाफ इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस और लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। विदेश मंत्रालय की मदद से थाईलैंड की एजेंसियों को इनपुट साझा किए गए। इसी सतर्कता के आधार पर बैंकॉक पुलिस ने एक होटल से दोनों भाइयों को पकड़ा। हिरासत के दौरान किए गए प्राथमिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ब्रदर्स को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रतिनिधि जल्द ही थाईलैंड पहुंचकर औपचारिकताएं पूरी करेंगे। उम्मीद है कि दोनों को जल्द ही गोवा पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया जाएगा। गोवा के इस अग्निकांड ने राज्य में सुरक्षा और अवैध निर्माण के मुद्दे पर बड़ा सवाल खड़ा किया था। कई लोगों की जान लेने वाली इस घटना की जांच में पुलिस को लंबे समय से आरोपियों की तलाश थी। लूथरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी से माना जा रहा है कि आगजनी की वजह, जिम्मेदारियों और संभावित लापरवाही को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। अग्निकांड में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों ने इस गिरफ्तारी को न्याय की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि ब्रदर्स के पकड़े जाने के बाद अब मामले में सच्चाई सामने आने की उम्मीद जगी है। अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ब्रदर्स की भारत वापसी कब होती है और उनसे पूछताछ में क्या कुछ नया सामने आता है।









