वाराणसी। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए उनके चारों सुपुत्रों के महान बलिदान को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी ऐसे महान इतिहास पुरुष थे, जिन्होंने जीवन भर अन्याय, अत्याचार और दमन के विरुद्ध संघर्ष किया। गुरु जी और उनकी तीन पीढ़ियों ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अतुलनीय बलिदान दिया, जिसे राष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा। अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन त्याग, शौर्य और धर्म रक्षा की अप्रतिम गाथाओं से परिपूर्ण रहा है। सिख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु के रूप में उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की, जो सिख इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। उन्होंने अपने अनुयायियों को धर्म की रक्षा और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती के साथ ही 21 दिसंबर से 27 दिसंबर तक का सप्ताह उनके सुपुत्रों के बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान गुरु जी के पूरे परिवार ने देश और धर्म के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। विशेष रूप से गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे सुपुत्र साहिबजादे जोरावर सिंह (9 वर्ष) और फतेह सिंह (7 वर्ष) की अद्वितीय वीरता और बलिदान को इतिहास कभी भुला नहीं सकता। उनके बलिदान आज भी समाज को धर्म, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।









