वाराणसी। किसानों और छोटे फूल विक्रेताओं के हित में नगर निगम ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मलदहिया–इंग्लिशिया लाइन स्थित किसान फूल मंडी की लगभग 11 हजार वर्गफुट बेशकीमती भूमि को अपने पूर्ण नियंत्रण में ले लिया है। वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इस भूमि की कीमत करीब 45 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अब इस फूल मंडी में किसानों को पूरी तरह निशुल्क स्थान आवंटित किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या बिचौलिया व्यवस्था नहीं चलेगी।यह भूमि रक्षा संपदा विभाग के स्वामित्व की है, जिसके प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। लंबे समय से कुछ ठेकेदारों और बिचौलियों द्वारा इस सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर किसानों से जबरन वसूली की जा रही थी। नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को कब्जा मुक्त कराया और इसे किसानों के सीधे हित में उपयोग करने का निर्णय लिया है। इस पहल से करीब 500 किसानों और छोटे फूल विक्रेताओं को सुरक्षित और कानूनी व्यापारिक स्थल मिलेगा। नगर निगम ने साफ किया है कि फूल मंडी में अब किसी भी बिचौलिए की कोई भूमिका नहीं होगी। किसानों और फूल विक्रेताओं को सीधे नगर निगम से अनुबंध करना होगा। सत्यापन के बाद किसानों को वैधानिक रूप से स्थान आवंटित किया जाएगा, जो पूरी तरह निशुल्क होगा। इससे गरीब और छोटे किसानों को वर्षों से चल रहे शोषण से मुक्ति मिलेगी। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए नगर निगम के नायब तहसीलदार स्वयं किसानों और विक्रेताओं से संपर्क कर रहे हैं। राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन और अनुबंध की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित रूप से पूरी की जाए। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी ने भी सरकारी भूमि पर कब्जा करने, किसानों को धमकाने या अवैध वसूली की कोशिश की तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंडी परिसर में किसी भी अनियमित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को बचाने की दिशा में भी बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि “नगर निगम किसानों और फूल विक्रेताओं को निशुल्क आवंटन की सुविधा देगा। हमारा उद्देश्य है कि बाबा के धाम में फूल बेचने वाले किसी भी गरीब किसान का एक भी रुपया शोषण में न जाए।” नगर निगम के इस फैसले से वर्षों से शोषण झेल रहे किसानों और छोटे व्यापारियों में खुशी का माहौल है। अब उन्हें सुरक्षित, व्यवस्थित और कानूनी स्थान मिलेगा, जिससे उनकी मेहनत की कमाई पूरी तरह उनके पास रहेगी। यह पहल फूल मंडी व्यवस्था को पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और किसान-हितैषी बनाने की दिशा में एक मिसाल मानी जा रही है।









