वाराणसी। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देशों के बावजूद भिखारीपुर तिराहे पर सड़क पर अवैध रूप से दुकानें लगने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के स्पष्ट आदेशों के बाद भी भिखारीपुर तिराहा पर सड़क के बीचों-बीच दुकानें लगवाई जा रही हैं, जबकि DLW गेट के पास पटरी पर दुकानदारों को बैठने तक नहीं दिया जा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही क्षेत्र में दो अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे हैं। भिखारीपुर तिराहे पर रोजाना सड़क किनारे अस्थायी दुकानें सज जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं DLW गेट के पास पटरी पर बैठने वाले छोटे दुकानदारों को तत्काल हटा दिया जाता है। इस दोहरे रवैये को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आरोपों के केंद्र में मंडुवाडीह थाना और BLW चौकी की भूमिका बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इन दोनों इकाइयों की कथित मिलीभगत से भिखारीपुर तिराहे पर अवैध दुकानों को संरक्षण मिल रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि हाल ही में कमिश्नर स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि शहर में कहीं भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सड़क व फुटपाथ आम जनता के आवागमन के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। ऐसे में भिखारीपुर तिराहे की स्थिति को उन आदेशों के विपरीत बताया जा रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती करना चाहता है तो नियम सभी स्थानों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। एक पक्ष पर कार्रवाई और दूसरे को खुली छूट से प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगता है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
फिलहाल, यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।









