वाराणसी। गंगापुर परिसर स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का तृतीय दिवस विभिन्न रचनात्मक, जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण तथा जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय सहभागिता करते हुए जनजागरूकता का संदेश दिया।
शिविर के प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों के बीच पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषय पर विचार-विमर्श आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखने, जल संसाधनों के संरक्षण तथा प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। स्वयंसेवकों ने परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के साथ उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मध्याह्न भोजन के पश्चात आयोजित बौद्धिक सत्र में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमेश मिश्रा ने “पर्यावरण एवं जल संरक्षण” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और जल बचाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने स्वयंसेवकों को जल का सदुपयोग करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा समाज में पर्यावरण के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। उनके विचारों से स्वयंसेवकों को विषय की गंभीरता और आवश्यकता को समझने का अवसर मिला।

बौद्धिक सत्र के उपरांत विभिन्न इकाइयों के स्वयंसेवकों द्वारा सांस्कृतिक एवं मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने काव्य पाठ, मंत्रोच्चार, गायन तथा अंताक्षरी जैसे कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों की रचनात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति देखने को मिली, जिससे शिविर का वातावरण उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक बना रहा।
शिविर के समापन सत्र में आगामी दिनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई तथा स्वयंसेवकों को सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।









