वाराणसी। इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की वाराणसी शाखा द्वारा बुधवार को यूनियन बजट 2026 पर होटल सूर्या में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में कर व्यवस्था में प्रस्तावित सुधारों और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सीए अंकुर कुमार गुप्ता रहे, जबकि मुख्य वक्ता ‘टैक्स गुरु’ के रूप में विख्यात सीए गिरिश आहूजा ने बजट 2026 की प्रमुख घोषणाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर-मुक्त करने का प्रस्ताव है। साथ ही जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जाएगा।
उन्होंने संशोधित आयकर रिटर्न (रीवाइज्ड रिटर्न) की समय-सीमा 31 मार्च तक बढ़ाए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए निर्धारित शुल्क देय होगा—₹5 लाख तक की आय पर ₹1,000 तथा ₹5 लाख से अधिक आय पर ₹5,000। इसके अतिरिक्त टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में विलंब होने पर ₹75,000 से ₹1.5 लाख तक शुल्क का प्रावधान किया गया है।

वक्ता सीए जयेन्द्र कुमार तिवारी ने करदाताओं को विभागीय नोटिस या आदेश की वैधता एवं उसे जारी करने वाले अधिकारी की अधिकारिता की जांच करने की सलाह दी। वहीं सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कर वसूली मामलों में करदाता को न्यूनतम 30 दिन का समय दिया जाना अनिवार्य है। यदि इससे कम समय दिया जाता है तो अधिकारी के पास उसका लिखित एवं वैध कारण होना चाहिए, अन्यथा ऐसी कार्यवाही न्यायिक चुनौती के दायरे में आ सकती है।
सेमिनार का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष सीए नीरज कुमार सिंह के स्वागत भाषण से हुआ। अध्यक्षता सीए शिशिर उपाध्याय एवं सीए शैलेन्द्र दत्ता मिश्रा ने की। संचालन सीए सुगंधा सिंह एवं सीए तन्वी ने किया, जबकि शाखा कोषाध्यक्ष सीए रंजीत कुमार पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पूर्व शाखा अध्यक्ष सोम दत्त रघु, शाखा उपाध्यक्ष सीए वैभव मेहरोत्रा, शाखा सचिव सीए विकास द्विवेदी, शाखा सिकासा अध्यक्ष सीए श्रीप्रकाश पांडेय सहित कार्यकारिणी सदस्य एवं अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।









