वाराणसी। आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण सहित अन्य लंबित मांगों को सम्मिलित कराने तथा वित्त विधेयक–2025 में तिथि के आधार पर किए गए भेदभावपूर्ण प्रावधानों को समाप्त करने की मांग को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर संगठन महासंघ के बैनर तले सोमवार को पेंशनरों ने शास्त्री घाट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि चौकी इंचार्ज कचहरी प्रवेश कुमार को सौंपा, जिसे जिला मंत्री अशोक सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया। धरना-प्रदर्शन में जनपद के विभिन्न पेंशनर एवं कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आठवें वेतन आयोग के प्रस्तावों में पुराने पेंशनरों को पेंशन संशोधन एवं पुनरीक्षण के लाभ से वंचित किया जा रहा है, जो सरासर अन्यायपूर्ण है। साथ ही वित्त विधेयक–2025 में शामिल गैर-अंशदायी एवं गैर-वित्तपोषित क्लॉज पेंशनरों के हितों के प्रतिकूल हैं, जिन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए। धरने को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अशोक सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा पेंशनरों के साथ निरंतर उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व भी अशोक सिंह ने किया।धरने में प्रमुख रूप से श्रीकांत पांडे, राजेश पांडे, मदन मोहन श्रीवास्तव, रवि शंकर दुबे, सीताराम, श्याम धनी, श्रीकांत श्रीवास्तव, सोमारू पांडे, राधेश्याम पटेल, ओम प्रकाश, ओंकार, सुरेश सिंह, अखिलेश पांडे, सहदेव तिवारी, जगदंबा सिंह, ज्योति प्रकाश शर्मा, राम सिंह, रामलाल, रविंद्र कुमार सिंह, भारत भूषण चौधरी, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, जटाशंकर सिंह, प्रेम प्रकाश सिंह, ओम प्रकाश पांडे, अवधेश कुमार, हेमंत कुमार श्रीवास्तव, बृज बिहारी सिंह सहित अनेक पेंशनर नेताओं ने अपने विचार रखे।









