वाराणसी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ओरियंटल हेरिटेज, कोलकाता द्वारा आयोजित 48वें वार्षिक अंतरराष्ट्रीय प्राच्य धरोहर सम्मेलन में सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो० (डॉ०) अमित कुमार शुक्ला को ‘ईश्वरचन्द्र विद्यासागर शिक्षा उत्कृष्टता सम्मान’ से अलंकृत किया गया। यह गरिमामय समारोह 20 फरवरी 2026 को महाजाति सदन ऑडिटोरियम, कोलकाता में संपन्न हुआ।
यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें भारतीय प्राच्य विद्या, ज्योतिषशास्त्र एवं पारंपरिक ज्ञान-परंपरा के संरक्षण, संवर्धन, आधुनिकीकरण तथा व्यापक प्रसार में उनके विशिष्ट शैक्षिक, अनुसंधानात्मक और नेतृत्वकारी योगदान के लिए प्रदान किया गया। संस्था द्वारा प्रदत्त प्रशस्ति-पत्र में उल्लेखित है कि प्रो० शुक्ला ने प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान की विविध शाखाओं के गहन अध्ययन, शोध एवं जनसामान्य तक उनके लोकप्रियकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सम्मान समारोह में संस्थान के अध्यक्ष प्रो० डॉ० गोपा शास्त्री, सचिव डॉ० अमल कृष्ण शास्त्री, उपाध्यक्ष डॉ० रवीन्द्रनाथ भट्टाचार्य तथा अध्यक्ष-मंडल प्रमुख प्रो० डॉ० रामकृष्ण शास्त्री ने उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे विद्वान, शोधार्थी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे और इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

इस सम्मान को काशी की समृद्ध ज्ञान-परंपरा एवं संस्कृत विद्याधारा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० बिहारी लाल शर्मा ने प्रो० शुक्ला को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ सम्पूर्ण शैक्षिक समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत है। विश्वविद्यालय परिवार के प्रो० रामपूजन पाण्डेय, प्रो० जितेन्द्र कुमार, प्रो० राजनाथ, प्रो० महेन्द्र पांडेय, प्रो० रमेश प्रसाद एवं प्रो० दिनेश कुमार गर्ग सहित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने हर्ष और गौरव के साथ प्रसन्नता व्यक्त की।









