वाराणसी। उत्तराखंड की 19 वर्षीय बेटी अंकिता भंडारी की नृशंस हत्या ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक हत्याकांड को लेकर जनमानस में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में सोमवार की शाम वाराणसी के लहुराबीर स्थित आज़ाद पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, महिला कांग्रेस पदाधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा का संयोजन महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष अनुराधा यादव एवं महानगर अध्यक्ष पूनम विश्वकर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर अंकिता भंडारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभा को संबोधित करते हुए अनुराधा यादव ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा दिया गया “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा आज ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आता है। उन्होंने कहा कि अंकिता जैसी बेटियों को न्याय न मिलना सरकार की संवेदनहीनता और सत्ता संरक्षण की राजनीति को उजागर करता है। महानगर अध्यक्ष पूनम विश्वकर्मा ने कहा कि यह मामला केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बन चुका है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर यदि पार्टी नेतृत्व के पास सच्चाई है तो उसे देश के सामने रखना चाहिए। यदि आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो यह सत्ता के संरक्षण में हुए जघन्य अपराध की ओर संकेत करता है, जिसकी उच्च स्तरीय जाँच अनिवार्य है।सभा को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने माँग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र सीबीआई जाँच तत्काल कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। कांग्रेस पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। श्रद्धांजलि सभा में राघवेन्द्र चौबे, सजीव सिंह, सतनाम सिंह, दिलीप चौबे, अनुराधा यादव, पूनम विश्वकर्मा, पूनम कुंडु, प्रमोद वर्मा, संतोष चौरसिया, रेनू चौधरी, रंजना गुप्ता, अफसर खां, रोहित दुबे, परवेज खां, शहजहा, अब्दुल हमीद डोडे, भव्या निषाद, विकास पाण्डेय, शशी सोनकर, डिम्पल सिंह, सुरेन्द्र कन्नौजिया, कृष्णा दुबे, नन्ही बेगम, रामजी गुप्ता, किशन यादव, बदरे आलम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।









