वाराणसी। काशी की शैक्षणिक परंपरा को सहेजते हुए Institute of Medical Sciences, Banaras Hindu University (आईएमएस-बीएचयू) के नवीन एवं पुरातन छात्रों का बहुप्रतीक्षित मिलन समारोह बीती रात सिगरा क्षेत्र स्थित Pind Balluchi Restaurant में अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल पुराने रिश्तों को ताज़ा किया, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत झलक भी प्रस्तुत की।
समारोह में मुख्य रूप से प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. के.के. गुप्ता, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. एस.के. सिंह, प्रो. राजेश, डॉ. विनीता श्रीवास्तव, डॉ. ऋतु गर्ग एवं डॉ. आलोक भारद्वाज सहित अनेक वरिष्ठ एवं युवा चिकित्सक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने एक-दूसरे से मिलकर पुराने दिनों की यादें साझा कीं और अपने-अपने अनुभवों को भावनात्मक अंदाज़ में व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आईएमएस-बीएचयू की गौरवशाली परंपरा, चिकित्सा शिक्षा में उसके योगदान तथा छात्र-शिक्षक संबंधों की मजबूती पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल आपसी संवाद बढ़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी वरिष्ठों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब यह मिलन समारोह प्रत्येक तीन माह पर नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, जिससे यह परंपरा निरंतर बनी रहे।

समारोह में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला, जहां प्रतिभागियों ने गीत-संगीत और हल्की-फुल्की प्रस्तुतियों के माध्यम से माहौल को और भी जीवंत बना दिया। हंसी-ठिठोली, यादों के किस्से और आत्मीय संवादों ने पूरे आयोजन को भावनात्मक और यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने पर सहमति जताई और भविष्य में और भी बड़े स्तर पर इसे आयोजित करने का संकल्प लिया। यह पुनर्मिलन न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि आईएमएस-बीएचयू परिवार की एकता, आत्मीयता और परंपरा का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।









