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सम्राट अशोक जयंती पर सजे मंच, कवि सम्मेलन में गूंजी साहित्यिक स्वर लहरियां

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मिर्जापुर। सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर बौद्ध महासभा सुष्मारगिरि (ट्रस्ट) द्वारा सरैया, सिकंदरपुर (चुनार) स्थित विमल लॉन में भव्य समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि जगरनाथ कुशवाहा, विशिष्ट अतिथि रामनरेश ‘नरेश’ एवं मुख्य वक्ता शालिनी कुशवाहा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सम्राट अशोक के आदर्शों, उनके शासन और मानवीय मूल्यों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि अशोक महान का जीवन समाज को शांति, सद्भाव और नैतिकता का संदेश देता है।

कार्यक्रम में बौद्ध महासभा द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले सम्मान से नयन वर्मा, राजनारायण सिंह एवं अजय कुमार को सम्मानित किया गया। वहीं सुष्मारगिरि साहित्यिक मंच द्वारा साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु वरिष्ठ साहित्यकार हरिवंश सिंह बवाल (चंदौली) को “माता सावित्री बाई फुले पुरस्कार” तथा श्रीनाथ सोनांचली (वाराणसी) को “कुशवाहा कांत स्मृति पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

कवि सम्मेलन में हास्य और ओज के साथ सामाजिक सरोकारों की अभिव्यक्ति देखने को मिली। युवा कवि प्रमोद कुमार निर्मल, प्रयागराज झूसी के कामरेड मोहनलाल यादव एवं ई. रामनरेश ‘नरेश’ ने “बेटी पढ़ाव, भैया बेटी के बचाव हो” जैसी रचनाओं से खूब तालियां बटोरीं। वाराणसी के डॉ. छोटेलाल सिंह ‘मनमीत’ ने “उठो जागो, भर दो हुंकार” सुनाकर जोश भरा, वहीं यथार्थ विष्णु ने “आज भी भारत सड़क पर रो रहा है” के माध्यम से समसामयिक विषयों को उठाया।

इसके अलावा प्रद्युम्न त्रिपाठी, गोपाल कुशवाहा, अनवर अली ‘अनवर’, सोनभद्र के शायर राधेश्याम पाल तथा स्थानीय कवियों राजकुमार राजन, माखन लाल ‘झटपट’, संजय ‘उमंग’ और शीतला गौरव ने भी अपनी रचनाओं से समां बांधा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जयप्रकाश जय ने की। संस्था के अध्यक्ष प्रियदर्शी अशोक सिंह, संरक्षक जय प्रकाश सिंह, बल्लू राम मौर्य, उपाध्यक्ष राजनारायण कुशवाहा, महामंत्री रंग बहादुर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय कुमार विमल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में विमल उत्सव वाटिका के संचालक अजय विमल ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन श्रीनाथ सोनांचली ने किया।

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