वाराणसी। दीवानी परिसर, वाराणसी में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ विधिक सेवा प्राधिकरण वाराणसी के अध्यक्ष एवं जिला जज संजीव शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक वादों के सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम जनता को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि सामाजिक शांति को भी बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अनिरुद्ध कुमार तिवारी, भूमि अर्जन पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्राधिकरण के अध्यक्ष सत्यानंद उपाध्याय, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, बनारस बार के अध्यक्ष सतीश कुमार, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी अनिल कुमार शुक्ल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जीएम बी.एन. सिंह सहित समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय एवं प्रशासन से संबंधित कुल 4,68,913 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 18,27,06,023.48 रुपये की वसूली दर्ज की गई। वादकारियों की सुविधा के लिए परिसर में जगह-जगह हेल्प डेस्क स्थापित किए गए थे, जहां आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई गई। इस अवसर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला एवं केंद्रीय कारागार, वाराणसी के बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद—लकड़ी के खिलौने, दरी, गमछा, अचार, ब्रेड, बिस्किट आदि—तथा बाल संप्रेक्षण गृह, बालक बालगृह एवं आफ्टर केयर होम, रामनगर के संवासिनियों द्वारा बनाए गए आर्ट-क्राफ्ट, बैग आदि की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे लोगों ने खूब सराहा और बड़ी संख्या में खरीदारी की।कार्यक्रम के अंत में विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक कुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।









