वाराणसी। शहर की ऐतिहासिक धरोहर और पूर्वांचल की प्रमुख यातायात कड़ी, 138 वर्ष पुराना मालवीय पुल (राजघाट पुल) एक बार फिर मरम्मत कार्य के चलते आंशिक रूप से बंद होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार 20 दिसंबर से लगभग एक माह तक पुल पर चार पहिया और भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस अवधि में केवल दोपहिया वाहन और पैदल यात्रियों को ही पुल से गुजरने की अनुमति होगी।
मालवीय पुल वाराणसी को चंदौली, मुगलसराय (पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर) और बिहार से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन और यात्री इस पुल का उपयोग करते हैं। पुल के आंशिक बंद होने से यातायात व्यवस्था पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के निर्देशों के बाद प्रभावित यात्रियों को सामने घाट पुल और विश्वसुंदरी पुल जैसे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा। इससे इन मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने और जाम की स्थिति बनने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने यातायात पुलिस को सतर्क रहने और आवश्यक प्रबंधन के निर्देश दिए हैं।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार पुल की संरचनात्मक मजबूती और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह रखरखाव कार्य कराया जा रहा है। मरम्मत अवधि के दौरान पुल के निचले हिस्से से गुजरने वाली रेल लाइन पर ट्रेनों की गति भी नियंत्रित रखी जाएगी, ताकि किसी प्रकार का जोखिम न हो।
गौरतलब है कि वर्ष 1887 में निर्मित यह डबल-डेकर पुल अपनी निर्धारित आयु वर्ष 1997 में ही पूरी कर चुका है। इसके बावजूद यह आज भी पूर्वांचल की यातायात ‘जीवनरेखा’ के रूप में कार्य कर रहा है। इसकी ऐतिहासिक, सामरिक और यातायात संबंधी महत्ता को देखते हुए समय-समय पर मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया जाता रहा है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मरम्मत अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था में होने वाले बदलाव और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।









