नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के महानायक और ‘ही–मैन’ कहलाने वाले धर्मेंद्र देओल का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से भारतीय फिल्म जगत, राजनीति और देशभर के करोड़ों प्रशंसकों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई। छह दशकों से अधिक लंबे अपने शानदार करियर में धर्मेंद्र ने अभिनय, सादगी और मानवीय संवेदनाओं से लोगों के दिलों में अमिट स्थान बनाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा—
“धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है। वे एक प्रतिष्ठित फिल्मी हस्ती और अद्भुत अभिनेता थे, जिन्होंने हर भूमिका में आकर्षण और गहराई भरी। उनकी सादगी और विनम्रता उन्हें और महान बनाती थी। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति।” प्रधानमंत्री के संदेश के बाद फिल्मी और राजनीतिक जगत से लगातार संवेदना संदेश पहुँच रहे हैं। पिछले कई महीनों से धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ रही थी। उन्हेंसांस लेने में गंभीर दिक्कतें थीं और उम्रजनित कई समस्याएँ बढ़ती जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ कई दिनों तक इलाज चलता रहा। हालत में थोड़ा सुधार होने पर उन्हें घर ले जाया गया, जहाँ 24 घंटे मेडिकल टीम और डॉक्टरों की निगरानी में उनकी देखभाल होती रही। इसके बावजूद उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही और अंततः उनका देहांत हो गया।धर्मेंद्र की बिगड़ती सेहत को लेकर फिल्म इंडस्ट्री लगातार चिंतित थी। सलमान खान, शाहरुख खान, गोविंदा सहित कई सितारे उनसे मिलने अस्पताल और घर पहुँचे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरा बॉलीवुड शोकाकुल हो गया और सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई।करीब 60 वर्षों में फैले अपने शानदार करियर में धर्मेंद्र ने ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’, ‘फूल और पत्थर’, ‘हकीकत’, ‘सीता और गीता’, ‘अनुपमा’, ‘यादों की बारात’, ‘खामोशी’, ‘शोले’ और कई सुपरहिट फिल्मों से भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी। ‘शोले’ में जय का उनका किरदार बॉलीवुड इतिहास में अमर हो गया। दमदार एक्शन और सौम्य रोमांस—धर्मेंद्र हर भूमिका में सर्वश्रेष्ठ रहे। उनकी लोकप्रियता ने उन्हें “बॉलीवुड का ही–मैन” बना दिया। 2012 में भारत सरकार ने कला जगत में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। उनकी अभिनय क्षमता, सरल स्वभाव और मानवीय गुणों ने उन्हें पीढ़ियों का पसंदीदा अभिनेता बना दिया। धर्मेंद्र के निधन के बाद देशभर में शोक की लहर है। उनके प्रशंसक उनकी फिल्मों के दृश्य, गीत और संवाद याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। भारतीय सिनेमा का यह महान सितारा भले ही आज जगमगाती दुनिया से विदा हो गया हो, लेकिन परदे पर उनकी चमक और दर्शकों के दिलों में उनकी जगह हमेशा बनी रहेगी।










