वाराणसी। शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन और लैंगिक समानता को सशक्त आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्पेशल प्रोजेक्ट फॉर इक्विटी के तहत मीना मंच द्वारा बालिकाओं के सशक्तिकरण एवं नेतृत्व क्षमता विकास विषयक दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र, चिरईगांव में हुआ। यह कार्यशाला ग्रामीण अंचल में बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने वाली एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक पहल के रूप में देखी जा रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसआरजी एवं मास्टर ट्रेनर श्री राजीव कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन एवं ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर दूसरी मास्टर ट्रेनर एवं एकेडमिक रिसोर्स पर्सन श्रीमती रश्मि त्रिपाठी तथा पीएलसी सदस्य एवं पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन श्री मनीष कुशवाहा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शैक्षिक गरिमा को और भी ऊंचाई प्रदान की।
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के शैक्षिक सशक्तिकरण को मजबूती देना, उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना, जीवन कौशल शिक्षा को व्यवहारिक रूप प्रदान करना तथा आत्मविश्वास के साथ सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्हें तैयार करना है। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान मीना मंच की भूमिका, बालिकाओं के अधिकार, लैंगिक समानता, आत्मरक्षा, प्रभावी संवाद कौशल, निर्णय क्षमता एवं सामाजिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन एवं सारगर्भित चर्चा की गई।

कार्यक्रम में एसआरजी, एआरपी सहित कुल 47 सुगमकर्ता, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विभिन्न संसाधन व्यक्तियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यशाला को रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए समूह कार्य, गतिविधि आधारित अधिगम, केस स्टडी एवं अनुभव साझा करने जैसी शिक्षण विधियों का प्रयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों को व्यवहारिक समझ विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान यूनिसेफ एवं समग्र शिक्षा अभियान से संबंधित शैक्षिक प्रस्तुतियां भी प्रदर्शित की गईं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को बाल केंद्रित शिक्षा, लैंगिक समावेशन एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों की विस्तृत जानकारी मिली।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने एक स्वर में इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं समय की मांग के अनुरूप बताते हुए यह संकल्प लिया कि वे कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान, कौशल एवं गतिविधियों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू कर बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं नेतृत्वक्षम बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
यह कार्यशाला चिरईगांव ब्लॉक के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो रही है, जो समानता, सम्मान और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक सशक्त आधार तैयार कर रही है।









