अयोध्या। अयोध्या में 25 नवंबर को श्रीराम मंदिर के 191 फीट ऊंचे शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भव्य धर्म ध्वज फहराने का ऐतिहासिक और भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 23 नवंबर की मध्यरात्रि से 26 नवंबर की रात 10 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस दौरान ट्रक, ट्रैक्टर, डीसीएम और अन्य मालवाहक वाहनों को अयोध्या में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जबकि हल्के वाहनों के आने-जाने पर भी भीड़ के अनुसार प्रतिबंध लग सकता है। केवल इमरजेंसी वाहनों को आवाजाही की अनुमति रहेगी।यह प्रतिबंध और डायवर्जन व्यवस्था प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए जरूरी है। भारी वाहनों के लिए प्रमुख डायवर्जन मार्ग बनाए गए हैं जैसे रायबरेली, बाराबंकी, बस्ती, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, गोंडा और सीतापुर से आने वाले वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर मार्ग बदलने का आदेश दिया गया है। अयोध्या के भीतर मुख्य चौक और संवेदनशील स्थल जैसे नया सरयू पुल, हनुमानगुफा, रामघाट, टेढ़ी बाजार, लक्ष्मण किला समेत कई स्थानों पर वाहन प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।ध्वजारोहण का यह शुभ अवसर विवाह पंचमी के पर्व पर पड़ रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दोपहर 11:45 से 12:29 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त में यह शुभ आयोजन होगा, जो भगवान राम के जन्म मुहूर्त के समान है। इस दिन विशेष रूप से केसरिया रंग की ध्वजा फहराई जाएगी, जो बलिदान, त्याग और वीरता का प्रतीक है।यह समारोह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का प्रतीक है, जिसमें श्रीराम की भक्तों की वर्षों की आस्था और संवेदना समाहित है। पांच वर्षों में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद यह ध्वजारोहण आयोजन एक नई शुरुआत का संदेश देगा।प्रशासन ने आम जनता से इस दौरान सहयोग की अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और अतिव्यस्तता से बचें ताकि आयोजन सकुशल संपन्न हो सके।इस प्रकार अयोध्या में 23 से 26 नवंबर तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहते हुए, 25 नवंबर को सिंहवाहन शिखर पर प्रधानमंत्री द्वारा धार्मिक ध्वज का फहराया जाना देश और अयोध्या के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा।









